विधानसभा में गलत जानकारी देने पर स्कूल शिक्षा मंत्री Rao Uday Pratap ने दिया संशोधन वक्तव्य
- कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह की लगातार सवाल उठाने के बाद सरकार को स्वीकारनी पड़ी गलती
भोपाल - मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दे पर आखिरकार सरकार को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। विधानसभा में जुलाई 2025 के सत्र में जयवर्धन सिंह द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से गलत जानकारी प्रस्तुत की गई थी। लगातार आपत्ति, पत्राचार और नियमों के तहत की गई कार्यवाही के बाद आज स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में औपचारिक संशोधन वक्तव्य प्रस्तुत किया।
जयवर्धन सिंह ने बताया कि 30 जुलाई 2025 को विधानसभा में पूछे गए उनके तारांकित प्रश्न के उत्तर में विभाग द्वारा तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी दी गई थी। इस गंभीर मामले को उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं विधानसभा के प्रमुख सचिव के संज्ञान में लाते हुए कई बार लिखित शिकायत की। शिकायतों के आधार पर विधानसभा सचिवालय ने स्कूल शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण एवं जवाब तलब किया।
इसके बाद नवंबर 2025 के विधानसभा सत्र में जयवर्धन सिंह ने पुनः उसी विषय पर प्रश्न लगाया। इस बार विभाग ने स्वीकार किया कि पूर्व में सदन को दी गई जानकारी त्रुटिपूर्ण थी। विभाग द्वारा गलती स्वीकार किए जाने के बाद जयवर्धन सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विधानसभा के नियमों के अनुरूप मंत्री से सदन में संशोधन वक्तव्य दिलाने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय ने स्कूल शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात विभाग ने मंत्री का संशोधन वक्तव्य विधानसभा को भेजा। नियमानुसार विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में जयवर्धन सिंह से भी अनुमति प्राप्त की। अंततः मानसून सत्र 2026 के तीसरे दिन, बुधवार को स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में संशोधन वक्तव्य प्रस्तुत कर पूर्व में दी गई गलत जानकारी को संशोधित किया।
इस पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सरकार का दायित्व है कि सदन को तथ्यपूर्ण, सही एवं संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि लगातार यह देखने में आ रहा है कि कई विभाग विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के अधूरे, भ्रामक अथवा गलत उत्तर दे रहे हैं, जो न केवल सदन की गरिमा के विपरीत है बल्कि विधायकों के विशेषाधिकारों का भी हनन है।
जयवर्धन सिंह ने कहा कि विपक्ष का दायित्व केवल प्रश्न पूछना नहीं, बल्कि सरकार को जवाबदेह बनाना भी है। यदि सरकार या उसके विभाग सदन को गलत जानकारी देंगे तो कांग्रेस हर स्तर पर इसका विरोध करेगी और नियमों के तहत सरकार को जवाब देने के लिए बाध्य करेगी। उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि यदि कोई विधायक तथ्यों के साथ लगातार संघर्ष करे तो सरकार को अपनी गलती सुधारनी पड़ती है।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित कराई। साथ ही उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी विभाग द्वारा सदन को गलत या भ्रामक जानकारी देने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि विधानसभा की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।
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