
साल 2024 में आईपीएल Franchises का राजस्व दोगुना हुआ
मुम्बई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) विश्व क्रिकेट की सबसे अमीर लीग है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शीर्ष 10 फ्रैंचाइजी का संयुक्त राजस्व वित्त वर्ष 24 में 3082 से दोगुना होकर 6797 करोड़ पहुंच गया है। इसका कारण इस मीडिया राइट्स को बताया गया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने साल 2022 में डिजनी स्टार और वायाकॉम 18 के साथ साल रिकॉर्ड 48 हजार 390 करोड़ का मीडिया राइट्स का करार किया था। मीडिया राइट्स के अलावा बीसीसीआई को टाटा ग्रुप, माई11सर्कल, सिएट और एंजेलवन सहित प्रमुख ब्रांडों के साथ बहु-वर्षीय प्रायोजन समझौतों से भी 4 हजार करोड़ से अधिक की कमाई होती है। बीसीसीआई की बढ़ती कमाई का एक कारया ब्रांड वैल्यू का बढ़ना भी है। आईपीएल का ब्रांड मूल्य साल 2023 की तुलना में 2024 में 13 फीसदी बढ़कर 12 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 2009 में इसके 2 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन से छ गुना अधिक है।
विशेष रूप से 4 फ्रेंचाइजी- चेन्नई सुपर किंग्स (सी.एस.के.), मुंबई इंडियंस (एम.आई.), रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आर.सी.बी.), और कोलकाता नाइट राइडर्स (के.के.आर.) की ब्रांड वैल्यू 100 मिलियन डॉलर से आगे निकल गयी है। टीम प्रायोजन में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जिससे वित्तीय स्थिरता बढीं। इसके अलावा, टिकटों की ऊंची कीमतों और स्टेडियम भरे होने से भी लाभ हुआ है। गुजरात टाइटास 776 करोड़ के साथ सबसे ऊपर है। वित्त वर्ष 23 में उनका राजस्व 359 करोड़ था। वहीं मुंबई इंडियंस 737 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स का राजस्व भी 322 करोड़ से दोगुना होकर 698 करोड़ हो गया है। वहीं चेन्नई सुपरकिंग्स वित्त वर्ष 2013 में 292 करोड़ की तुलना में 676 करोड़ पर पहुंच गयी है।
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