Rabindranath Tagore Jayanti: देश ने दी गुरुदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी और दिग्गजों ने किया नमन
नई दिल्ली। बंगाली कैलेंडर के अनुसार पोचिशे बोइशाख के पावन अवसर पर देशभर में महान कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने गुरुदेव के योगदान को याद करते हुए उन्हें भारतीय सभ्यता की अमर आवाज बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से गुरुदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि टैगोर ने भारतीय समाज को नई सोच, रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने टैगोर को एक असाधारण लेखक, चिंतक और शिक्षाविद बताते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में मानवता की गहरी संवेदनाएं और भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ आदर्श समाहित हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, गुरुदेव के विचार आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के मन को आलोकित करते रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुदेव को नमन करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि टैगोर ने अपनी लेखनी, संगीत और दर्शन के माध्यम से पराधीन भारत में स्वतंत्रता की चेतना को नई शक्ति दी। शाह ने विशेष रूप से गीतांजलि और राष्ट्रगान जन गण मन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कृतियों ने देश की एकता, गरिमा और विश्व बंधुत्व की भावना को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। वहीं, सीपी राधाकृष्णन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी गुरुदेव को कालजयी कवि और महान रहस्यवादी चिंतक बताया।
उन्होंने कहा कि टैगोर के सार्वभौमिक मानवतावाद के आदर्श आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। उल्लेखनीय है कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासांको ठाकुर बाड़ी में हुआ था। वह वर्ष 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले गैर-यूरोपीय व्यक्तित्व थे। बंगाल के बार्ड के रूप में विख्यात टैगोर ने न केवल भारत, बल्कि बांग्लादेश और श्रीलंका के राष्ट्रगान की रचना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस विशेष अवसर पर पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश के स्कूलों, कॉलेजों और सांस्कृतिक संस्थानों में रवींद्र संगीत, कविता पाठ और नृत्य नाटकों का आयोजन किया गया। गुरुदेव की साहित्यिक और कलात्मक विरासत आज भी संगीत और दर्शन के क्षेत्र में प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बनी हुई है।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!