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  • Wednesday, 14 October 2026
सऊदी पर हमले के पीछे तेल का खेल, Trump बोले- 3 नवंबर के बाद नहीं बख्शेंगे

सऊदी पर हमले के पीछे तेल का खेल, Trump बोले- 3 नवंबर के बाद नहीं बख्शेंगे

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका मकसद अमेरिकी चुनावों से पहले तेल की कीमतें बढ़ाना है। ट्रंप के अनुसार, यह सब ईरान के इशारे पर हो रहा है, जिसकी कीमत हूतियों को 3 नवंबर के बाद भुगतनी होगी। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब पर हो रहे हमलों को नहीं भूलेंगे और चुनाव के बाद इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले साल अमेरिकी सेना के हमलों के बाद काफी समय तक शांति रही थी, लेकिन अब हूती फिर से सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी, हूती बेहद खराब बर्ताव कर रहे हैं। किसी को उन्हें समझाना चाहिए कि मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। मैंने पहले ही बड़ी जीत हासिल कर ली है, लेकिन चुनाव के बाद भी मैं यहीं रहूंगा और मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।


हूती विद्रोहियों ने हाल ही में सऊदी ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है। इन हमलों के बाद हवाई अड्डे को 17 अक्टूबर तक बंद करना पड़ा और कई उड़ानें रद्द हो गईं। इन हमलों से मध्य पूर्व में तेल की आपूर्ति और महत्वपूर्ण समुद्री जहाजों के मार्गों पर खतरा मंडरा रहा है, खासकर बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास, जो लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है। ट्रंप ने इस स्थिति में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से भी सऊदी अरब का साथ देने का आग्रह करने की बात कही है। उनका मानना है कि एर्दोगन उनकी बात मानेंगे। एर्दोगन ने भी मंगलवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से कहा कि अंकारा सऊदी के साथ खड़ा रहेगा।

इस साल गर्मियों में तुर्की और पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ मक्का डिफेंस पैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे, हालांकि तुर्की की संसद को अभी इसकी मंजूरी देनी है। अमेरिका अब तक सऊदी की इस कोशिश का विरोध कर रहा है कि उसे सीधे हूतियों के खिलाफ नए युद्ध में शामिल किया जाए। यह नई लड़ाई 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद शुरू हुए बड़े संघर्ष का हिस्सा मानी जा रही है। इस बीच, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना के बाहरी इलाके में यमन पेट्रोलियम कंपनी के एक स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों से जगह खाली करने को कहा और फिर उस जगह पर हमला किया। हूतियों ने चेतावनी दी थी कि सना पर किसी भी हमले का वे कड़ा और दर्दनाक जवाब देंगे। उनके प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि संभावित निशानों में धाहरान में सऊदी अरामको का मुख्यालय और रियाद में एक तेल रिफाइनरी भी हो सकती है। वहीं, सऊदी कैबिनेट ने भी हूतियों को चेतावनी दी है कि उन्हें बार-बार हमले करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

 

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