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  • Tuesday, 13 January 2026
Sabarmati Riverfront से उड़ा दोस्ती का संदेश: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर संग किया आईकेएफ-2026 का शुभारंभ

Sabarmati Riverfront से उड़ा दोस्ती का संदेश: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर संग किया आईकेएफ-2026 का शुभारंभ

पतंगों, संगीत और नृत्य के रंगों में सजी उत्तरायण, भारत-जर्मनी की सांस्कृतिक मित्रता का भव्य प्रदर्शन

- 50 देशों के अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, 108 कलाकारों की सिम्फनी और गुजरात की विरासत ने खींचा वैश्विक ध्यान

अहमदाबाद| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट से सोमवार को ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव (आईकेएफ)-2026’ का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज उपस्थित रहे। दोनों महानुभावों ने पतंग उड़ाकर इस महोत्सव का शुभारंभ कराया, जो भारत तथा जर्मनी के बीच सुदृढ़ राजनयिक संबंधों एवं मित्रता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस अवसर पर अहमदाबाद की पोल व हवेली की विशेष रूप से तैयार की गई स्थापत्य कला की प्रतिकृति को देखा। उत्तरायण केवल पतंगबाजी ही नहीं, बल्कि गुजरात की सांस्कृतिक पहचान समान उत्सव है। ऐसे में इस हेरिटेज वॉकवे पर पतंग म्यूजियम तथा आइकॉनिक फोटो वॉल भी बनाए गए हैं, जहाँ दोनों महानुभावों ने विभिन्न राज्यों की अलग-अलग कागज तथा बनावट की पतंगों के बारे में सूक्ष्मतापूर्वक जानकारी भी प्राप्त की। यहाँ पतंग बनाने वाले कारीगरों द्वारा पतंग बनाने की कला का जीवंत निदर्शन भी किया गया, जिसे महानुभावों ने रुचिपूर्वक देखा। इस अवसर पर गुजरात के बेडा रास (घड़ा रास) के अलावा; कुचिपुड़ी, भरत नाट्यम सहित नृत्यकला तथा मलखम जैसी प्राचीन अंग व्यायाम कला द्वारा विशेष प्रस्तुति के माध्यम से दोनों महानुभावों का स्वागत किया गया।

इसके अतिरिक्त; इस अवसर पर गुजरात-राजस्थान के कुल लगभग 108 कलाकारों द्वारा सितार, सारंगी, वायलीन, मेंडोलिन, हार्मोनियम, बाँसुरी, ढोलक, तबला, मृदंग आदि विभिन्न वाद्यों के माध्यम से ‘वंदे मारतम्’, ‘वैष्णजन’ तथा जर्मन धुन बजाकर भारत व जर्मनी की मित्रता की प्रतीति कराई गई। उल्लेखनीय है कि गुजरात पर्यटन निगम लिमिटेड (टीसीजीएल) द्वारा आयोजित इस रंगबिरंगी आकाशी महोत्सव में इस वर्ष 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज तथा भारत के 13 राज्यों के 65 पतंगबाज अपनी भाँति-भाँति के रंगों और आकारों की पतंगों के साथ सहभागी हुए हैं। इसी प्रकार; गुजरात के 16 जिलों से 871 पतंगबाज भी उपस्थित रहकर कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में 13 जनवरी मंगलवार को शाम 7 बजे 108 कलाकारों द्वारा भव्य सिम्फनी प्रदर्शन तथा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम द्वारा कला एवं संगीत का अनुभव कराया जाएगा। इसमें लोक गायिका किंजल दवे द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी, जबकि आकाश रंगबिरंगी रात्रि पतंगों से झिलमिला उठेगा। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव जैसे राज्य की सांस्कृतिक धरोहरो को उजागर करने वाले आयोजनों के माध्यम से समग्र गुजरात की पहचान विश्व स्तर पर अग्रणी सांस्कृतिक एवं पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित हो रही है। ऐसे में आगंतुकों को गुजरात के व्यंजन तथा हस्तकला का परिचय कराने के लिए 25 हस्तकला स्टॉल और 15 फूड स्टॉल भी बनाए गए हैं।

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