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सम्राट तानसेन की संगीत नगरी Gwalior में सजा सुरों का महाकुंभ

सम्राट तानसेन की संगीत नगरी Gwalior में सजा सुरों का महाकुंभ

ग्वालियर। संगीत और संस्कृति की ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर में सुरों की मधुर सरिता एक बार फिर प्रवाहित हुई। सम्राट तानसेन की पावन धरती पर आयोजित "संगीत रत्न अवॉर्ड" कार्यक्रम का आयोजन सिटी सेंटर स्थित होटल रेडियस में संगीत ग्रुप ,,हेलो ग्वालियर,द्वारा किया गया। यह भव्य संगीत समारोह शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक चला, जिसमें शहर के अनेक प्रतिभाशाली गायक-गायिकाओं ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. वंदना भूपेन्द्र प्रेमी, निशिकांत मोघे, डीसी तिवारी एवं प्रवीण पवार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।कार्यक्रम की शुरुवात माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित ओर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुवात की गई,इस संगीतमय संध्या में फिल्मी, ग़ज़ल, सूफी और सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में कलाकारों ने अपने पसंदीदा गीतों से श्रोताओं का मन मोह लिया।जिसमे बबलू भोसले ने कमल वाधवानी ने "आते जाते खूबसूरत", प्रवीण कामथान ने "नाम गुम जाएगा चेहरा ये", राजेश जयसघानी ने "दिल में हो तुम", एकता ने "दम मारो दम मिट जाए गम", रमाकांत ने "दुनिया हसीनों का मेला", गुलराज रमानी ने "इना मीना डीका", ओ.पी. मखीजा जी ने "कभी बेबसी ने मारा", बाल किशन ने "नागिन सा रूप है तेरा" और विजय अमरापुरी ने "ओ मेरी ओ मेरी शर्मीली" गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।


इसी प्रकार श्वेता अग्निहोत्री जी ने "सोलह बरस की बाली उमर को सलाम", नीलम शर्मा ने "सोना कितना सोना है", कमल किशोर ने "सोनी कुड़ी", अर्चना शर्मा ने "तेरा साथ है तो", विपिन दुबे ने "तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना", डॉ. प्रभात कृष्ण शर्मा ने "तेरी निगाहों पे मर-मर गए हम", सुनील शर्मा ने "यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी" प्रस्तुत कर समां बांध दिया।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में श्री वाधवा ने "रंग बरसे भीगे चुनर वाली", पूनम ने "ये मेरा दिल यार का दीवाना", विजन गुप्ता ने "होश वालों को खबर क्या", लोकेश गोले ने "पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी", डॉली शर्मा ने "मेरे नसीब में तू है कि नहीं", शबाना खां ने "रोज़ रोज़ आँखों तले", नीरज शाह ने "आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले", नेहा खान ने "निगाहें मिलाने को जी चाहता है", जयेश दुबे ने "दीवानों से ये मत पूछो", अन्वि गुप्ता ने "इन आँखों की मस्ती के" तथा संतोष दास ने "ये रात ये चांदनी फिर कहाँ", पूनम कोठारी ने 'ये मेरा दिल यार का दीवाना' गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन *लोकेश गोले ने किया। आयोजन के संस्थापक मनीष आनंद ने बताया कि ग्वालियर की समृद्ध संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा सभी गायक कलाकारों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।हैलो ग्वालियर ग्रुप द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम साबित हुआ, जहां सुर, ताल और संगीत की मधुरता ने उपस्थित श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।

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