दिल्ली से ऑस्ट्रेलियाई टीम तक का सफर, Nikhil Chaudhary रच सकते हैं इतिहास
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच 17 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए घोषित ऑस्ट्रेलियाई टीम में भारतीय मूल के क्रिकेटर निखिल चौधरी को शामिल किया गया है। 30 वर्षीय निखिल के चयन ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि वह छह दशक से अधिक समय बाद ऑस्ट्रेलिया की पुरुष क्रिकेट टीम में शामिल होने वाले भारत में जन्मे पहले खिलाड़ी बन सकते हैं। यदि उन्हें अंतिम एकादश में खेलने का मौका मिलता है, तो यह उनके करियर के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास का भी एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ी पहले भी खेल चुके हैं। गुरिंदर संधू और तनवीर संघा जैसे खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन भारत में जन्मे किसी पुरुष क्रिकेटर को 1960 के दशक के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली थी। इससे पहले गुजरात में जन्मे लेग स्पिनर रेक्स सेलर्स ने 1964 में भारत के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया था। महिला क्रिकेट में पुणे में जन्मीं लिसा स्थालेकर ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रही हैं, लेकिन पुरुष क्रिकेट में निखिल का संभावित पदार्पण एक नया अध्याय जोड़ सकता है। दिल्ली में जन्मे निखिल चौधरी ने अपने शुरुआती क्रिकेट करियर में पंजाब की ओर से सीमित ओवरों के मुकाबले खेले थे। इस दौरान उन्होंने हरभजन सिंह, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंस के लिए ट्रायल भी दिया था। बाद में वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद होने के कारण वहीं रुक गए।
इसी दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने का फैसला किया। संघर्षपूर्ण दौर में निखिल ने विभिन्न प्रकार की नौकरियां कीं और साथ ही क्रिकेट जारी रखा। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जेम्स होप्स ने उन्हें अवसर दिलाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी पहचान बनाई। निखिल ने हाल ही में बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पिछले सत्र में 30 से अधिक की औसत और 153 के स्ट्राइक रेट से 307 रन बनाए तथा अपनी टीम को खिताब जीताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा शेफील्ड शील्ड में भी उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा और पांच विकेट लेने का कारनामा किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें तस्मानिया के साथ पहला राज्य अनुबंध मिला। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय परिस्थितियों में पले-बढ़े होने के बावजूद निखिल ऑस्ट्रेलिया में तेज गेंदबाजों के खिलाफ अधिक सफल रहे हैं। बिग बैश लीग में उनका स्ट्राइक रेट तेज गेंदबाजों के खिलाफ 180 के करीब रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या निखिल चौधरी ऑस्ट्रेलिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर इतिहास रच पाएंगे।
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!