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  • Sunday, 27 September 2026
भारतीय एथलीट Sawan ने मैराथन में रजत जीतकर बनाया रिकार्ड चार दशक के बाद इस स्पर्धा में पदक मिला

भारतीय एथलीट Sawan ने मैराथन में रजत जीतकर बनाया रिकार्ड चार दशक के बाद इस स्पर्धा में पदक मिला

आइची। यहां जारी एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट सावन बरवाल ने मैराथन दौड़ में पदक जीतने के साथ ही एक नया रिकार्ड बनाया है। इस स्पर्धा में सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड का समय निकालते हुए रजत पदक जीता। यह न केवल उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दर्शाता है, बल्कि इससे 44 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत को मैराथन में पहला पदक मिला है। इससे पहले 1982 में भारत ने मैराथन में पदक जीता था। सावन ने 2:11:36 का सबसे कम समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। इसी साल रॉटरडैम मैराथन में उन्होंने 2 घंटे 12 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी कर शिवनाथ सिंह के 48 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था। यह सावन के करियर की केवल दूसरी मैराथन थी पर उन्होंने जापान के इचिताका यामाशिता के बाद दूसरा स्थान हासिल कर सभी को हैरान कर दिया।


वहीं यामाशिता ने 2:10:51 का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, शुरुआत से ही सावन पोडियम की दौड़ में बने हुए थे। प्रारंभिक पांच किलोमीटर के बाद, ही सावन अग्रणी धावकों के समूह में शामिल थे, और आधी दूरी तक (01:05:54 पर) वह यामाशिता के साथ बराबरी पर थे। 35 किलोमीटर तक दोनों धावकों के बीच कांटे की टक्कर रही, जिसके बाद सावन ने बढ़त बनाने का प्रयास किया पर 39 किलोमीटर तक यामाशिता ने अपनी बढ़त धीरे-धीरे मजबूत कर ली। 40 किलोमीटर के पड़ाव पर सावन, यामाशिता से 26 सेकंड पीछे थे, जिससे जापानी धावक का स्वर्ण पदक लगभग तय हो गया था।


सावन ने हालांकि रजत पदक पर अपनी पकड़ बनाए रखी। भारत का एशियाई खेलों में चौथा पदक है, इससे पहलले 1951 में छोटा सिंह ने (स्वर्ण) और सूरत सिंह माथुर (कांस्य) तथा 1982 के होसुर कुक्कप्पा सीतारमन ने (कांस्य) पदक जीता है। सावन ने अपनी ऐतिहासिक दौड़ से भारत को मैराथन में एक बार फिर वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है, और यह देश के लिए गर्व का क्षण है। इस स्पर्धा में शामिल एक अन्य भारतीय धावक कार्तिक कारकेरा 2:22:41 के समय के साथ 17वें स्थान पर रहे।

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