'House of Cards' से बदली मीडिया की दुनिया, नेटफ्लिक्स के 10 साल और स्ट्रीमिंग क्रांति
उपराष्ट्रपति से राष्ट्रपति बनने तक की कहानी दर्शकों को सत्ता की क्रूर सच्चाई से रूबरू कराती है
नई दिल्ली। ब्यू विलिमन की वेब सीरीज हाउस ऑफ कार्ड्स (2013) की शुरुआत गुस्से से भरे फ्रैंक अंडरवुड से होती है, जिसका किरदार केविन स्पेसी ने निभाया। नव निर्वाचित राष्ट्रपति द्वारा विदेश मंत्री न बनाए जाने से आहत अंडरवुड और उनकी पत्नी क्लेयर (रॉबिन राइट) सत्ता हासिल करने के लिए छल, झूठ, विश्वासघात और हत्या तक का सहारा लेते हैं। उपराष्ट्रपति से राष्ट्रपति बनने तक की यह कहानी दर्शकों को सत्ता की क्रूर सच्चाई से रूबरू कराती है। छह सीजन में फैली यह सीरीज न केवल मनोरंजक रही, बल्कि इसने कई एमी और गोल्डन ग्लोब पुरस्कार भी जीते। हाउस ऑफ कार्ड्स नेटफ्लिक्स की पहली ओरिजिनल सीरीज थी, जिसने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को वैश्विक पहचान दिलाई। यही वह मोड़ था, जहां से मीडिया और मनोरंजन जगत में बड़ा बदलाव शुरू हुआ। पहले दो सीजन के 26 एपिसोड बनाने में लगभग 10 करोड़ डॉलर खर्च हुए, जो किसी बड़ी फिल्म के बजट के बराबर था। सभी एपिसोड एक साथ रिलीज किए गए और दर्शकों को 8 से 12 डॉलर प्रति माह में कंटेंट उपलब्ध कराया गया।
यह केबल टीवी के महंगे और तयशुदा मॉडल से बिल्कुल अलग था, जहां दर्शकों को 50 डॉलर या उससे अधिक चुकाने पड़ते थे। 1990 के दशक में डीवीडी किराये से शुरुआत करने वाला नेटफ्लिक्स, 2010 में स्ट्रीमिंग में उतरा। लेकिन हाउस ऑफ कार्ड्स ने उसकी दिशा ही बदल दी। ऑन-डिमांड, भुगतान-आधारित स्ट्रीमिंग ने लीनियर टीवी, थिएटर रिलीज और समाचार चैनलों की भूमिका को चुनौती दी। आज नेटफ्लिक्स 39 अरब डॉलर से अधिक के राजस्व और 30 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पेड स्ट्रीमिंग सेवा है। भारत में उसके 10 साल पूरे होना इस बात का संकेत है कि कैसे स्ट्रीमिंग ने पारंपरिक मीडिया के ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ को ढहा दिया और एक नया डिजिटल युग शुरू किया।
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