हर मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी है Ashish Vidyarthi ने
मुंबई। बॉलीवुड में खलनायक के भूमिका से मशहूर हुए अभिनेता आशीष विद्यार्थी आज अभिनय के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में भी एक लोकप्रिय चेहरा बन चुके हैं। केरल के थालास्सेरी में जन्मे आशीष विद्यार्थी उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने समय के साथ खुद को लगातार नए रूप में ढाला है। बॉलीवुड फिल्मों में अभिनय से लेकर यूट्यूब और पॉडकास्ट की दुनिया तक, उन्होंने हर मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी है। अभिनेता को कला और सामाजिक चेतना की प्रेरणा अपने परिवार से मिली। उनके पिता गोविंद विद्यार्थी, जिनका मूल नाम टी.के. गोविंदन था, स्वतंत्रता सेनानी और कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी के सम्मान में अपने नाम के साथ ‘विद्यार्थी’ उपनाम जोड़ा था। उनकी माता रेबा विद्यार्थी कथक की प्रतिष्ठित गुरु थीं। घर के इसी सांस्कृतिक और वैचारिक माहौल ने आशीष के व्यक्तित्व को आकार दिया और उनमें कला के प्रति गहरा लगाव पैदा किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर रुख किया। बाद में वे मनोज बाजपेयी और एन.के. शर्मा के साथ थिएटर समूह ‘एक्ट वन’ से जुड़े।
रंगमंच पर बिताए गए वर्षों ने उनके अभिनय को निखारा और उनकी प्रभावशाली आवाज को पहचान दिलाई। उनके फिल्मी करियर का निर्णायक मोड़ 1994 में आया, जब उन्होंने निर्देशक गोविंद निहलानी की फिल्म ‘द्रोहकाल’ में कमांडर भद्रा का किरदार निभाया। इस भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। इसके बाद ‘इस रात की सुबह नहीं’ और ‘वास्तव’ जैसी फिल्मों में निभाए गए नकारात्मक किरदारों ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली खलनायकों की श्रेणी में ला खड़ा किया। आशीष विद्यार्थी ने केवल हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं। तमिल फिल्म ‘दिल’ में डीएसपी शंकर और ‘घिल्ली’ में सख्त पिता की भूमिका ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। तेलुगु फिल्म ‘अथानोक्काडे’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने डिजिटल मंचों की ओर कदम बढ़ाया और अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। यहां वे यात्रा, खानपान, जीवन अनुभवों और प्रेरक कहानियों से जुड़े वीडियो साझा करते हैं।
उनका पॉडकास्ट ‘फिफ्टी प्लस जिंदगी’ भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है, जिसमें वे जीवन, उम्र और आत्मविकास से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं। इसके अलावा ‘कहानीबाज’ और ‘सीट डाउन विद आशीष’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने कहानी कहने और हास्य प्रस्तुति के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हाल के वर्षों में भी वे अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। फिल्म ‘किल’ में उन्होंने एक भावनात्मक लेकिन खतरनाक विरोधी किरदार निभाकर दर्शकों की सराहना हासिल की, जबकि ‘आवेशम’ में उनका कैमियो दर्शकों को पसंद आया। निजी जीवन में भी उन्होंने नए अध्याय की शुरुआत की। पहली पत्नी राजोशी बरुआ से अलग होने के बाद उन्होंने मई 2023 में रूपाली बरुआ से विवाह किया। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं, लेकिन आशीष विद्यार्थी ने हमेशा अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जीने की बात कही।
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