UN chief की रेस में 4 उम्मीदवार, इतिहास में पहली बार महिलाएं भी दौड़ में आगे
21-22 अप्रैल को होगी अहम डिबेट
जेनेवा। संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में इस बार पहली बार शीर्ष पद पर महिला नेतृत्व की संभावना मजबूत होती दिख रही है। मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो रहा है और उनके उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस बार चार उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें दो महिलाएं प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आई हैं। इन दो महिला उम्मीदवारों में मिशेल बैचलेट और रेबेका ग्रिनस्पैन शामिल हैं। दोनों ही अपने-अपने देशों में उच्च पदों पर रह चुकी हैं और वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। न्यूयॉर्क में 21 और 22 अप्रैल को इन सभी उम्मीदवारों की डिबेट आयोजित की जाएगी, जिसमें उनके दृष्टिकोण, नीतियों और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह डिबेट अंतिम चयन प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। मिशेल बैचलेट का जीवन संघर्ष और दृढ़ता की मिसाल माना जाता है। चिली में 1973 के सैन्य तख्तापलट के दौरान उन्हें और उनके परिवार को गंभीर यातनाओं का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक प्रताड़ना के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में चिली की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। उनका प्रशासनिक अनुभव स्वास्थ्य और रक्षा मंत्रालय से लेकर राष्ट्रपति पद तक फैला हुआ है।
वहीं रेबेका ग्रिनस्पैन ने वैश्विक आर्थिक और खाद्य संकट के समाधान में अहम भूमिका निभाई है। विशेष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान काला सागर अनाज समझौते को सफल कराने में उनकी मध्यस्थता महत्वपूर्ण रही, जिससे करोड़ों टन अनाज वैश्विक बाजार तक पहुंच सका और खाद्य संकट को कम करने में मदद मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार संयुक्त राष्ट्र का नेतृत्व किसके हाथों में जाएगा, यह न केवल उम्मीदवारों के अनुभव पर निर्भर करेगा बल्कि वैश्विक राजनीति और सदस्य देशों के समर्थन पर भी तय होगा। फिलहाल दुनिया की नजर न्यूयॉर्क में होने वाली इस अहम डिबेट पर टिकी हुई है।
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