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चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने चित्रों के माध्यम से समाज और सरकार को एक सशक्त संदेश दिया

चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने चित्रों के माध्यम से समाज और सरकार को एक सशक्त संदेश दिया

ग्वालियर/मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ,क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ इंजीनियर रागिनी यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून के पूर्व संपन्न चित्रकला प्रतियोगिता में उक्त उद्गार व्यक्त किए ।सेवार्थ जन कल्याण समिति के द्वारा संचालित ग्वालियर शहर के 10 केंद्रों से लगभग 150 बच्चों के बीच विभिन्न समूह में  प्रतियोगिता संपन्न हुई। अध्यक्षता, सेवार्थ जन कल्याण समिति के अध्यक्ष ओ पी दीक्षित ने की। उन्होंने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क का चिंतन ,चित्रों के माध्यम से समाज में जाएगा। प्रदेश सरकार उनके भाव और सुझाव लिपिबद्ध करेगी।सभी उपस्थित 175 बच्चों को 5समूह में विभाजित किया गया था। प्रथम समूह में कक्षा एक और दो ,  द्वितीय समूह में कक्षा 3 ,4 एवं 5 ।तृतीय समूह में कक्षा 6 ,7 और 8,।  चतुर्थ समूह में कक्षा 9, 10 और 11 तथा पंचम समूह में 12वीं ,स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र, छात्राएं सम्मिलित थे ।चित्रकला का शीर्षक जलवायु में परिवर्तन,था। उल्लेखनीय है कि 10 दिन से इसकी तैयारी विभिन्न केंद्रों पर चल रही थी। सभी बच्चों को वायु संरक्षण, वायु प्रदूषण, जल संरक्षण, जल प्रदूषण ,वन संरक्षण ,भू संरक्षण ,ग्रीन हाउस प्रभाव, अम्लीय वर्षा, ओजोन परत तथा पारिस्थितिकीय संतुलन की जानकारियां दी गईं ।

चित्रों के माध्यम से बच्चों ने एक सशक्त संदेश, समाज और सरकार को दिया ।यदि हमने संतुलित विकास ,सतत विकास पर ध्यान नहीं दिया तो मानव सभ्यता ग्रीन हाउस, प्रभाव अम्लीय वर्षा इत्यादि के कारण जलवायु के तीव्र  प्रकोप से बच नहीं सकती। पाठशाला समूह के अध्यक्ष दीक्षित ने कहा के बच्चे जमीन स्तर पर भारत के समाज की अभिव्यक्ति है। ग्वालियर में अंतिम पंक्ति में निवासरत परिवारों के बच्चे जब रंगों के माध्यम से विचारों को प्रकट करते हैं। इससे समाज की चिंता और आकांक्षा का प्रतिबिंब दिखाई देता है । प्रत्येक समूह से प्रथम द्वितीय और तृतीय पुरस्कार वितरित किए गए वितरित किए गए। इस अवसर पर मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पदाधिकारी विकास पाराशर, पूर्व वैज्ञानिक देवेंद्र कुमार शर्मा ,पाठशाला समूह के सचिव राकेश श्रीवास्तव ,  मनोज पांडे  मोहनलाल अहिरवार, प्रताप सिंह नागर, शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित थे। अंत में जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत तालब , नदी तथा अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने की शपथ दिलवाई गई ।सभी बच्चों ने समवेत स्वर में संकल्प लिया कि हम अपने आस-पड़ोस के जल स्रोतों को स्वच्छ रखेंगे। राष्ट्रगान के साथ आज का यह महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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