Hockey Team को मिलेगा मानसिक अनुकूलन कोच

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम को मानसिक रुप से मजबूत बनाने के लिए अनुकूलन कोच नियुक्त किया जाएगा। टिर्की ने ये बात भारतीय टीम की क्रासओवर मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद कही। इस मैच में भारतीय टीम 40 मिनट से कुछ अधिक समय तक बढ़त पर थी पर इसके बाद पड़े दबाव में वह बिखर गयी। इससे पहले हुए मैचों में भी यह देखने में आया कि टीम दबाव का सामना करने में मानसिक रुप से विफल रही है। इससे हाथ में आये मैच भी फिसल गये। टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड ने भी कहा है कि टीम को मानसिक अनुकूलन कोच की जरूरत है। इस टूर्नामेंट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के खराब फार्म से भी टीम की परेशानियां बढ़ीं पर असली परेशानी पेनल्टी कॉर्नर पर गोल नहीं होना रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भारत को शुरुआत में बढ़त मिली पर वह अपनी पकड़ कायम नहीं रख पायी जिससे विरोधी टीम ने तय समय तक मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद पेनल्टी शूटआऊट में एक बार फिर भारतीय टीम मानसिक रुप से कमजोर साबित हुई और अवसरों का लाभ नहीं उठा पायी।  टिर्की ने कहा कि कप्तान या कोच बदलने की बात जल्दबाजी होगी क्योंकि विश्व कप अभी चल रहा है और भारत को नौवें से 16वें स्थान का क्लासीफिकेशन मैच खेलना है। टिर्की ने कहा कि हरमनप्रीत एफआईएच प्रो लीग में अच्छा खेल रहा था और आस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला में भी उसका प्रदर्शन अच्छा रहा था। हमें उससे काफी उम्मीदें थीं पर विश्व कप में अचानक ही उसकी लय बिगड़ गयी। उसका फॉर्म खराब होना चिंता का कारण भी है। टिर्की ने कहा कि टीम में कई उभरते हुए ड्रैग फ्लिकर हैं। साथ ही कहा कि आजकल खेल में ड्रैग फ्लिकरों की भूमिका अहम है और हम इसके अनुसार ही अपनी रणनीति बनाएंगे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक कांस्य विजेता टीम का क्वार्टर फाइनल में भी नहीं पहुंच पाना निराशाजनक बात है। 4 मैचों में भारत को 26 पेनल्टी कॉर्नर मिले पर उनमें से हम केवल पांच को ही गोल में बदल पाये। हरमनप्रीत ने 2 गोल ही किए। टिर्की ने कहा कि हमारे पास न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में जीतने का अच्छा अवसर था क्योंकि हम 3-1 से आगे थे पर इसके बाद भी जीत नहीं पाये। हमने शूटआऊट में भी अवसर खो दिये।  
You May Also Like