Dalit युवती से दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट सख़्त

ग्वालियर के बहुचर्चित दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म और मारपीट के मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा प्रस्तुत खात्मा रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और खुद ही इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। अब इस मामले पर सुनवाई 10 दिसंबर को होगी ।इस मामले में गंगा सिंह भदोरिया उसका पोता आदित्य भदोरिया और रामवीर को आरोपी बनाया गया था। हाईकोर्ट के ताजा निर्देश से आरोपियों और संबंधित पुलिसकर्मियों की नींद उड़ गई है। दरअसल उपनगर मुरार में रहने वाले गंगा सिंह भदोरिया के यहां यह नाबालिग लड़की साफ सफाई का काम करती थी।31जनवरी 2021को गंगा सिंह का पोता आदित्य भदोरिया और उसके दोस्त रामवीर उर्फ श्यामू ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस घटना को लेकर उन्होंने नाबालिग लड़की को धमकाया भी था। खास बात यह है कि मुरार थाने के तत्कालीन प्रभारी अजय सिंह पवार ने इस नाबालिग लड़की की फरियाद सुनने के बजाय उसके साथ मारपीट की थी। यह आरोप लड़की ने अपने इकबालिया बयान में मजिस्ट्रेट के सामने लगाया था। हाईकोर्ट में जब यह मामला गया तब कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़े पुलिस के अनुविभागीय विभागीय अधिकारी नगर निरीक्षक तथा अन्य पुलिसकर्मियों को ग्वालियर ही नहीं बल्कि ग्वालियर चंबल संभाग से बाहर भेजने के निर्देश दिए थे और मामले को 23 जून 2021 को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया था। 26 अगस्त 2022 को सीबीआई ने मामले में न्यायालय में अपनी क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी। कोर्ट ने सीबीआई की इस खात्मा रिपोर्ट को खारिज कर दिया है ।
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