लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा नहाय-खाय के साथ हुआ आरंभ

पटना। दीपोत्सव के हफ्ते भर बाद लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा आज से शुरू हो गया है। छठ पूजा की शुरुआत शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हो गई है। नहाय खाय के दिन महिला छठ व्रतियों ने गंगा स्नान कर गंगाजल लेकर अपने घर पहुंचते हैं और अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी बनाकर इसकी शुरुआत करते हैं। उत्तर भारत में खासतौर से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाये जाने वाले इस महापर्व छठ को लेकर तैयारियां इन दिनों जोर शोर से हो रही हैं। छठ के पहले दिन यानी नहाय-खाय के साथ लोग गंगा में डुबकी लगाकर या गंगा जल छिड़ककर सूर्य देव की पूजा-अर्चना के साथ पूजा की शुरुआत की।
4 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में पहले दिन गंगा स्नान से इसकी शुरुआत की जाती है। दूसरे दिन छठ व्रती महिलाएं खरना कर प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करती हैं। तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और चौथे दिन उगते सूरज की पूजा अर्चना के साथ चार दिवसीय महापर्व समाप्त हो जाता है। नहाय खाए के साथ व्रती नियमों के साथ सात्विक जीवन जीते हैं और हर तरह की नकारात्‍मक भावनाएं जैसे लोभ, मोह, क्रोध आदि से खुद को दूर रखते हैं।
छठ पूजा आस्‍था और संयम का त्‍योहार माना जाता है। छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, छठ पूजा कार्तिक माह की षष्ठी से शुरू हो जाती है। यह पर्व चार दिनों चलता है। ऐसे में आज नहाय-खाय है। इसके अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को खरना मनाया जाएगा। जबकि 30 अक्टूबर को अस्ताचंल सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। और अंत में 31 अक्टूबर की उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस पावन पर्व का समापन हो जाएगा।
बेगूसराय में लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व के पहले दिन नहाय खाए पर सुप्रसिद्ध सिमरिया गंगा घाट समेत विभिन्न गंगा घाट पर लोगों का सुबह से पहुंचना शुरू हो गया। गंगा स्नान करने को लेकर सिमरिया गंगा घाट में काफी भीड़ देखी गई। हजारों की संख्या में महिला छठ व्रतियों ने गंगा स्नान किया। सिमरिया के अलावा जिले के झमटिया गंगा घाट , मटिहानी खोरमपुर, अयोध्या गंगा घाट समित कई धाटो में हजारों छठ व्रतियों ने गंगा स्नान कर पूजा अर्चना की। गंगा स्नान को लेकर घाटों पर सुरक्षा की ही व्यापक प्रबंध किए गए थे ताकि छठ व्रती महिलाओं को कोई परेशानी ना हो। 
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