50 करोड़ से संवरेगा ओरछा का भगवान रामराजा सरकार मंदिर, मॉड्यूल तैयार

मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर को 50 करोड़ रुपये से भव्य स्वरूप दिया जाएगा। बुंदेलखंड की अयोध्या कहलाने वाले इस मंदिर का विकास पांच चरणों में किया जाएगा। इसके लिए मॉड्यूल तैयार कर लिया गया है।
रामराजा सरकार के भव्य मंदिर निर्माण पर मध्य प्रदेश शासन का विशेष फोकस है। रामनवमी पर ओरछा पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिर के पूर्णोद्धार को लेकर तैयार की गई विकास योजना का अवलोकन किया था। इस दौरान उन्होंने साफ कह दिया था कि मंदिर का स्वरूप भव्य और दिव्य होना चाहिए। अभी श्री रामराजा मंदिर का प्रवेश द्वार सामान्य है। इस प्रवेश द्वार और मंदिर का निकास द्वार दोनों को भव्य बनाने की योजना है। इसके साथ-साथ मंदिर में एक आपातकाल द्वार भी बनाने की योजना है। अभी भोजन प्रसाद शाला मंदिर परिसर के अंदर है भोजन शाला को मंदिर परिसर से बाहर लाने का प्लान तैयार किया गया है।
गर्मी व बारिश के दिनों में रामराजा सरकार के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए धूप व पानी से बचने के लिए पूरे दर्शन मार्ग पर शेड का निर्माण किया जाएगा।  दर्शनार्थियों को धार्मिक और पुरातत्व से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए मंदिर परिसर में ही टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर बनाया जाएगा। मंदिर परिसर में ही एक बड़ा फूड जोन बनाने का प्लान है, जिससे यहां आने वाले दर्शनार्थियों को भोजन व नाश्ते की उपलब्धता हो सके। इसके अलावा ओरछा रामराजा धर्मशाला को भी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का प्लान बनाया गया है। ओरछा की बेतवा नदी के तट पर बने जितने भी घाट हैं उन्हें सुसज्जित करने का काम पहली प्राथमिकता पर है।
कलेक्टर तरुण भटनागर ने घाटों के सौंदर्यीकरण और स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्य में हीलाहवाली करने वालों को सख्त हिदायत दे चुके हैं। रामराजा सरकार मंदिर के पूर्णोद्धार के लिए होने वाले कामों में 50 करोड़ रुपये खर्च होना है, तो वहीं 20 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी के तहत ओरछा को मिले हैं। 50 करोड़ के काम जिला प्रशासन के अधीन होंगे। ये सभी काम पांच चरणों में पूरे होंगे जिसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। हालांकि मंदिर के विकास कार्य कब से शुरू होंगे यह तारीख तय नहीं हो पाई है, लेकिन ऐसा अनुमान है कि इस साल के अंत में या नये साल की शुरुआत में मंदिर निर्माण कार्य का श्रीगणेश हो सकता है।

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