बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्म भूषण लेने से किया इनकार

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और लेफ्ट पार्टी के बड़े नेता बुद्धदेब भट्टाचार्य ने मंगलवार को एलान किया कि वे पद्म भूषण नहीं लेंगे। भट्टाचार्य ने पद्म पुरस्कारों के एलान के बाद बयान जारी कर कहा, "मुझे पद्म विभूषण मिलने की जानकारी नहीं है, मुझे इस बारे में बताया नहीं गया। लेकिन अगर मुझे यह पुरस्कार दिया जा रहा है, तो मैं इसे लेने से इनकार करता हूं।"
इस बीच सरकार के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि उनके परिवार को सुबह एक वरिष्ठ केंद्रीय अधिकारी ने उन्हें सम्मान देने के सरकार के फैसले के बारे में सूचित किया था। उनकी पत्नी ने अधिकारी से बात की थी। पुरस्कार लेने से इनकार करने के परिवार के निर्णय के बारे में केंद्र सरकार को कोई जानकारी नहीं दी गई। सरकार के मुताबिक, वाम दल के वरिष्ठ नेता का यह कदम संभवतः राजनीतिक विचार-विमर्श के बाद आया है। कम्युनिस्ट नेता भट्टाचार्य के अलावा गायिका संध्या मुखोपाध्याय और तबला वादक अनिंद्य चट्टोपाध्याय ने पद्म पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है। संध्या मुखोपाध्याय के परिजनों के मुताबिक, उनके लिए यह हैरत की बात है कि जानी-मानी गायिका को पद्म श्री पुरस्कार तब दिया जा रहा है, जब वह 90 वर्ष की हो चुकी हैं। उनसे काफी कम उम्र के लोग बहुत पहले ही पद्मश्री प्राप्त कर चुके हैं। परिवार के लिए यह बात काफी तकलीफदेह है कि जब अपने क्षेत्र विशेष में शीर्ष पर पहुंचे एक कलाकार को पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे पुरस्कार दिये जाते हों, तब उन्हें केंद्र की सरकार पद्म श्री देने की बात कर रही है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान कर दिया। इस साल पद्म विभूषण के लिए कुल चार नाम चुने गए हैं, जबकि 17 हस्तियों के नाम पद्म भूषण के लिए चुने गए हैं। इसके अलावा पद्मश्री सम्मान के लिए 107 नामों का चयन हुआ है।

किन्हें मिला पद्म भूषण सम्मान?
इसके अलावा पद्म भूषण के लिए जिन 17 नामों का एलान हुआ है, उनमें दो को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा। नेताओं में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम बुद्धदेब भट्टाचार्य शामिल हैं। 

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